Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.150.29: जो राजा सदा पुण्यात्मा हैं और तीनों लोकों पर राज्य करने के अधिकारी हैं, वे आज साधारण मनुष्यों की भाँति थके हुए पृथ्वी पर क्यों पड़े हैं? 29   |   mahabharat अध्याय 1.150: माता कुन्तीके लिये भीमसेनका जल ले आना, माता और भाइयोंको भूमिपर सोये देखकर भीमका विषाद एवं दुर्योधनके प्रति क्रोध   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 150: माता कुन्तीके लिये भीमसेनका जल ले आना, माता और भाइयोंको भूमिपर सोये देखकर भीमका विषाद एवं दुर्योधनके प्रति क्रोध  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  1.150.29 
त्रिषु लोकेषु यो राज्यं धर्मनित्योऽर्हते नृप:।
सोऽयं भूमौ परिश्रान्त: शेते प्राकृतवत् कथम्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
जो राजा सदा पुण्यात्मा हैं और तीनों लोकों पर राज्य करने के अधिकारी हैं, वे आज साधारण मनुष्यों की भाँति थके हुए पृथ्वी पर क्यों पड़े हैं? 29
 
'The kings who are always virtuous and deserve to rule the three worlds, how come they are today lying on the earth exhausted and tired like ordinary men? 29
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)