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mahabharat 1.150.21: अपनी माता और भाइयों को भूमि पर पड़ा देखकर भीमसेन हृदय में अत्यंत दुःखी हो गए और इस प्रकार विलाप करने लगे॥21॥   |   mahabharat अध्याय 1.150: माता कुन्तीके लिये भीमसेनका जल ले आना, माता और भाइयोंको भूमिपर सोये देखकर भीमका विषाद एवं दुर्योधनके प्रति क्रोध   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 150: माता कुन्तीके लिये भीमसेनका जल ले आना, माता और भाइयोंको भूमिपर सोये देखकर भीमका विषाद एवं दुर्योधनके प्रति क्रोध  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  1.150.21 
स सुप्तां मातरं दृष्ट्वा भ्रातृृंश्च वसुधातले।
भृशं शोकपरीतात्मा विललाप वृकोदर:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
अपनी माता और भाइयों को भूमि पर पड़ा देखकर भीमसेन हृदय में अत्यंत दुःखी हो गए और इस प्रकार विलाप करने लगे॥21॥
 
Seeing his mother and brothers lying on the ground, Bhimasena became extremely sad in his heart and began to lament as follows:॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)