Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.150.20: भीमसेन दो मील दूर से शीघ्रता से चलकर अपनी माता के पास आया। उसका मन शोक और शोक से भरा हुआ था और वह साँप की भाँति भारी साँसें ले रहा था। | mahabharat अध्याय 1.150: माता कुन्तीके लिये भीमसेनका जल ले आना, माता और भाइयोंको भूमिपर सोये देखकर भीमका विषाद एवं दुर्योधनके प्रति क्रोध । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीमसेन दो मील दूर से शीघ्रता से चलकर अपनी माता के पास आया। उसका मन शोक और शोक से भरा हुआ था और वह साँप की भाँति भारी साँसें ले रहा था।
Bhimasena walked quickly from two miles away and came to his mother. His mind was filled with grief and sorrow and he was breathing heavily like a snake.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥