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mahabharat 1.150.19: वहाँ जल पीने और स्नान करने के बाद भीम, जो अपने भाइयों के प्रति स्नेही थे, उनके लिए भी एक चादर में जल ले आये।   |   mahabharat अध्याय 1.150: माता कुन्तीके लिये भीमसेनका जल ले आना, माता और भाइयोंको भूमिपर सोये देखकर भीमका विषाद एवं दुर्योधनके प्रति क्रोध   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 150: माता कुन्तीके लिये भीमसेनका जल ले आना, माता और भाइयोंको भूमिपर सोये देखकर भीमका विषाद एवं दुर्योधनके प्रति क्रोध  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.150.19 
स तत्र पीत्वा पानीयं स्नात्वा च भरतर्षभ।
तेषामर्थे च जग्राह भ्रातॄणां भ्रातृवत्सल:।
उत्तरीयेण पानीयमानयामास भारत॥ १९॥
 
 
अनुवाद
वहाँ जल पीने और स्नान करने के बाद भीम, जो अपने भाइयों के प्रति स्नेही थे, उनके लिए भी एक चादर में जल ले आये।
 
After drinking water and taking a bath there, Bhima, who was affectionate towards his brothers, brought water for them also in a sheet.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)