श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 15: आस्तीकका जन्म तथा मातृशापसे सर्पसत्रमें नष्ट होनेवाले नागवंशकी उनके द्वारा रक्षा  »  श्लोक 8-11
 
 
श्लोक  1.15.8-11 
व्रतैश्च विविधैर्ब्रह्मन् स्वाध्यायैश्चानृणोऽभवत्।
देवांश्च तर्पयामास यज्ञैर्विविधदक्षिणै:॥ ८॥
ऋषींश्च ब्रह्मचर्येण संतत्या च पितामहान्।
अपहृत्य गुरुं भारं पितॄणां संशितव्रत:॥ ९॥
जरत्कारुर्गत: स्वर्गं सहित: स्वै: पितामहै:।
आस्तीकं च सुतं प्राप्य धर्मं चानुत्तमं मुनि:॥ १०॥
जरत्कारु: सुमहता कालेन स्वर्गमेयिवान्।
एतदाख्यानमास्तीकं यथावत् कथितं मया।
प्रब्रूहि भृगुशार्दूल किमन्यत् कथयामि ते॥ ११॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्मन्! नाना प्रकार के व्रतों का पालन और स्वाध्याय करके वे सब प्रकार के ऋणों से मुक्त हो गए। नाना प्रकार के दक्षिणा यज्ञों से उन्होंने देवताओं को, ब्रह्मचर्य व्रत के पालन से ऋषियों को और सन्तान प्राप्ति से पितरों को संतुष्ट किया। कठोर व्रत का पालन करने वाले ऋषि जरत्कारु पितरों की चिन्ता का भारी बोझ उतारकर पितरों सहित स्वर्गलोक को चले गए। ऋषि जरत्कारु ने आस्तिक-सदृश पुत्र और उत्तम धर्म को प्राप्त होकर बहुत काल के पश्चात स्वर्ग की यात्रा की। भृगुकुलशिरोमणे! इस प्रकार मैंने आस्तिक के उपाख्यान का यथार्थ वर्णन किया। कहिए, अब और क्या कहा जाए? 8-11॥
 
Brahman! By observing various types of fasts and performing self-study, he became free from all types of debts. By performing various types of Dakshina yagyas, he satisfied the gods, the sages by observing the vow of celibacy and the ancestors by the birth of children. Sage Jaratkaru, who observed a strict fast, took off the heavy burden of worrying about his ancestors and went to heaven along with his ancestors. Sage Jaratkar traveled to heaven after a long time after attaining a believer-like son and the supreme religion. Bhrigukulshiromane! In this way I have described Aastik's anecdote accurately. Tell me, what else should be said now? 8-11॥
 
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि आस्तीकपर्वणि सर्पाणां मातृशापप्रस्तावे पञ्चदशोऽध्याय:॥ १५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत आस्तीकपर्वमें सर्पोंको मातृशाप प्राप्त होनेकी प्रस्तावनासे युक्त पंद्रहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १५॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)