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mahabharat 1.149.7: इसके बाद जब उन्होंने पांडवों की तलाश में आग को इधर-उधर घुमाया तो उन्हें एक निर्दोष भील महिला और उसके पांच बेटों की जली हुई लाश दिखाई दी।   |   mahabharat अध्याय 1.149: धृतराष्ट्र आदिके द्वारा पाण्डवोंके लिये शोकप्रकाश एवं जलांजलिदान तथा पाण्डवोंका वनमें प्रवेश   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 149: धृतराष्ट्र आदिके द्वारा पाण्डवोंके लिये शोकप्रकाश एवं जलांजलिदान तथा पाण्डवोंका वनमें प्रवेश  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.149.7 
ततो व्यपोहमानास्ते पाण्डवार्थे हुताशनम्।
निषादीं ददृशुर्दग्धां पञ्चपुत्रामनागसम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद जब उन्होंने पांडवों की तलाश में आग को इधर-उधर घुमाया तो उन्हें एक निर्दोष भील महिला और उसके पांच बेटों की जली हुई लाश दिखाई दी।
 
Thereafter when he moved the fire around in search of the Pandavas, he saw the burnt corpse of the innocent Bhil woman along with her five sons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)