श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 149: धृतराष्ट्र आदिके द्वारा पाण्डवोंके लिये शोकप्रकाश एवं जलांजलिदान तथा पाण्डवोंका वनमें प्रवेश  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  1.149.6 
ते वयं धृतराष्ट्रस्य प्रेषयामो दुरात्मन:।
संवृत्तस्ते पर: काम: पाण्डवान् दग्धवानसि॥ ६॥
 
 
अनुवाद
अब हम दुष्टबुद्धि धृतराष्ट्र को यह सन्देश भेजें कि आपकी महानतम इच्छा पूरी हो गई है। आप पाण्डवों को जलाने में सफल हो गए हैं।॥6॥
 
‘Now let us send this message to the evil-minded Dhritarashtra that your greatest wish has been fulfilled. You have succeeded in burning the Pandavas.'॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)