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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 149: धृतराष्ट्र आदिके द्वारा पाण्डवोंके लिये शोकप्रकाश एवं जलांजलिदान तथा पाण्डवोंका वनमें प्रवेश
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श्लोक 24
श्लोक
1.149.24
तं च पापं न जानीमो यदि दग्ध: पुरोचन:।
कथं तु विप्रमुच्येम भयादस्मादलक्षिता:॥ २४॥
अनुवाद
हम यह भी नहीं जानते कि पापी पुरोचन जला है या नहीं। दूसरों से छिपकर हम इस महान दुःख से कैसे बच सकते हैं?॥24॥
‘We do not even know whether the sinful Purochana has been burnt or not. How can we escape this great suffering by remaining hidden from others?’॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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