Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.149.17: कुछ लोग कहते, ‘हे अर्जुन!’ और इसी प्रकार कुछ लोग चिल्लाते, ‘हे नकुल और सहदेव!’ सभी लोग कुंतीदेवी के लिए विलाप करते और उन्हें जल अर्पित करते।   |   mahabharat अध्याय 1.149: धृतराष्ट्र आदिके द्वारा पाण्डवोंके लिये शोकप्रकाश एवं जलांजलिदान तथा पाण्डवोंका वनमें प्रवेश   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 149: धृतराष्ट्र आदिके द्वारा पाण्डवोंके लिये शोकप्रकाश एवं जलांजलिदान तथा पाण्डवोंका वनमें प्रवेश  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  1.149.17 
हा फाल्गुनेति चाप्यन्ये हा यमाविति चापरे।
कुन्तीमार्ताश्च शोचन्त उदकं चक्रिरे जना:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
कुछ लोग कहते, ‘हे अर्जुन!’ और इसी प्रकार कुछ लोग चिल्लाते, ‘हे नकुल और सहदेव!’ सभी लोग कुंतीदेवी के लिए विलाप करते और उन्हें जल अर्पित करते।
 
Others would say, 'Oh Arjun!' and similarly others would cry out, 'Oh Nakula and Sahadeva!' All the people mourned Kuntidevi and offered water to her.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)