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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 149: धृतराष्ट्र आदिके द्वारा पाण्डवोंके लिये शोकप्रकाश एवं जलांजलिदान तथा पाण्डवोंका वनमें प्रवेश
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श्लोक 12
श्लोक
1.149.12
गच्छन्तु पुरुषा: शीघ्रं नगरं वारणावतम्।
सत्कारयन्तु तान् वीरान् कुन्तिराजसुतां च ताम्॥ १२॥
अनुवाद
‘मेरे कुछ लोग शीघ्र ही वारणावत नगरी में जाकर कुन्तीभोज की पुत्री कुन्ती तथा वीर पाण्डवों का आदरपूर्वक दाह संस्कार करें।॥12॥
‘Some of my people should quickly go to the city of Varanavat and respectfully cremate Kunti, daughter of Kunti Bhoja and the brave Pandavas.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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