vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 1: आदि पर्व
»
अध्याय 148: विदुरजीके भेजे हुए नाविकका पाण्डवोंको गंगाजीके पार उतारना
»
श्लोक 13
श्लोक
1.148.13
इत्युक्त्वा स तु तान् वीरान् पुमान् विदुरचोदित:।
तारयामास राजेन्द्र गङ्गां नावा नरर्षभान्॥ १३॥
अनुवाद
महाराज! विदुरजी की आज्ञा से आये केवट ने वीर पाण्डवों से यह बात कही और उन्हें उसी नाव में बैठाकर गंगा पार ले गया।
King! The boatman who had come on the orders of Vidurji said this to the valiant Pandavas and took them across the Ganges in the same boat.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×