Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.147.18: उधर, सभी पांडव भी बहुत दुखी हुए और तुरंत अपनी माता के साथ सुरंग से दूर चले गए। उन्हें कोई देख नहीं सकता था।   |   mahabharat अध्याय 1.147: लाक्षागृहका दाह और पाण्डवोंका सुरंगके रास्ते निकल जाना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 147: लाक्षागृहका दाह और पाण्डवोंका सुरंगके रास्ते निकल जाना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  1.147.18 
पाण्डवाश्चापि ते सर्वे सह मात्रा सुदु:खिता:।
बिलेन तेन निर्गत्य जग्मुर्द्रुतमलक्षिता:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
उधर, सभी पांडव भी बहुत दुखी हुए और तुरंत अपनी माता के साथ सुरंग से दूर चले गए। उन्हें कोई देख नहीं सकता था।
 
On the other hand, all the Pandavas were also very sad and immediately went far away from the tunnel along with their mother. No one could see them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)