Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.147.11-13: इसके बाद उन्होंने घर में चारों ओर आग लगा दी। जब सारा घर आग की लपटों से घिर गया, तो यह जानकर शत्रु-संहारक पांडव अपनी माता के साथ सुरंग में प्रवेश कर गए। तब वहाँ अग्नि की भयंकर लपटें उठने लगीं, तीव्र ताप फैल गया। घर को जलाने वाली आग की बड़ी-बड़ी चटकने की आवाज सुनाई देने लगी। इससे उस नगर के लोग जाग गए। उस घर को जलता हुआ देखकर नगर के लोगों के चेहरे उदास हो गए। वे व्याकुल हो गए और कहने लगे, "हे प्रभु! हे ... | mahabharat अध्याय 1.147: लाक्षागृहका दाह और पाण्डवोंका सुरंगके रास्ते निकल जाना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसके बाद उन्होंने घर में चारों ओर आग लगा दी। जब सारा घर आग की लपटों से घिर गया, तो यह जानकर शत्रु-संहारक पांडव अपनी माता के साथ सुरंग में प्रवेश कर गए। तब वहाँ अग्नि की भयंकर लपटें उठने लगीं, तीव्र ताप फैल गया। घर को जलाने वाली आग की बड़ी-बड़ी चटकने की आवाज सुनाई देने लगी। इससे उस नगर के लोग जाग गए। उस घर को जलता हुआ देखकर नगर के लोगों के चेहरे उदास हो गए। वे व्याकुल हो गए और कहने लगे, "हे प्रभु! हे ...
After this they set fire all around the house. When the whole house was engulfed in flames, knowing this, the enemy-slayer Pandavas entered the tunnel with their mother. Then fierce flames of fire began to rise there, intense heat spread. The great crackling sound of the fire burning the house began to be heard. This woke up the people of that city. Seeing that house burning, the faces of the people of the city became wretched. They became distraught and started saying.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥