Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.146.6: ‘पाण्डु नन्दन! विदुर जी ने आपको म्लेच्छ भाषा में कुछ संकेत किया था और आपने ‘तथास्तु’ कहकर उसे स्वीकार कर लिया था। मैं आपको आश्वस्त करने के लिए यह कह रहा हूँ।’॥6॥ | mahabharat अध्याय 1.146: विदुरके भेजे हुए खनकद्वारा लाक्षागृहमें सुरंगका निर्माण । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
किंचिच्च विदुरेणोक्तो म्लेच्छवाचासि पाण्डव।
त्वया च तत् तथेत्युक्तमेतद् विश्वासकारणम्॥ ६॥
अनुवाद
‘पाण्डु नन्दन! विदुर जी ने आपको म्लेच्छ भाषा में कुछ संकेत किया था और आपने ‘तथास्तु’ कहकर उसे स्वीकार कर लिया था। मैं आपको आश्वस्त करने के लिए यह कह रहा हूँ।’॥6॥
‘Pandu Nandan! Vidura Ji had indicated something to you in mlechchha language and you had accepted it by saying ‘Tathastu’. I am saying this to assure you.’॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥