Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.146.2-3: 'विदुरजी ने मुझे भेजा है। मैं सुरंग खोदने में बहुत कुशल हूँ। मुझे आप पाण्डवों का प्रिय कार्य करना है, अतः आप बताइए, मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ? विदुरजी ने मुझे गुप्त रूप से कहा है कि तुम वारणावत जाकर श्रद्धापूर्वक पाण्डवों का कल्याण करो। अतः आप बताइए कि मुझे क्या करना चाहिए?॥ 2-3॥ | mahabharat अध्याय 1.146: विदुरके भेजे हुए खनकद्वारा लाक्षागृहमें सुरंगका निर्माण । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'विदुरजी ने मुझे भेजा है। मैं सुरंग खोदने में बहुत कुशल हूँ। मुझे आप पाण्डवों का प्रिय कार्य करना है, अतः आप बताइए, मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ? विदुरजी ने मुझे गुप्त रूप से कहा है कि तुम वारणावत जाकर श्रद्धापूर्वक पाण्डवों का कल्याण करो। अतः आप बताइए कि मुझे क्या करना चाहिए?॥ 2-3॥
'Vidurji has sent me. I am very skilled in digging tunnels. I have to do the work which is dear to you Pandavas, so you tell me, what service can I do for you? Vidur has secretly told me that you go to Varnavata and do the welfare of the Pandavas with faith. So you tell me what should I do?॥ 2-3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥