Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.145.7: तत्पश्चात् वे श्रेष्ठ पुरुष कुन्तीकुमार नगर के क्षत्रिय अधिकारियों के पास गए। इसी प्रकार वे क्रमशः वैश्यों और शूद्रों के घर भी प्रकट हुए। 7॥ | mahabharat अध्याय 1.145: वारणावतमें पाण्डवोंका स्वागत, पुरोचनका सत्कारपूर्वक उन्हें ठहराना, लाक्षागृहमें निवासकी व्यवस्था और युधिष्ठिर एवं भीमसेनकी बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नगराधिकृतानां च गृहाणि रथिनां तदा।
उपतस्थुर्नरश्रेष्ठा वैश्यशूद्रगृहाण्यपि॥ ७॥
अनुवाद
तत्पश्चात् वे श्रेष्ठ पुरुष कुन्तीकुमार नगर के क्षत्रिय अधिकारियों के पास गए। इसी प्रकार वे क्रमशः वैश्यों और शूद्रों के घर भी प्रकट हुए। 7॥
After that, he went to the Kshatriya officials of Kuntikumar Nagar, the best man. Similarly, they also appeared at the houses of Vaishyas and Shudras respectively. 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥