Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.145.27: इस समय वह अधिकार के पद पर है और हम उससे वंचित हैं। वह अपने सहायकों के साथ है और हम असहाय हैं। उसके पास बहुत बड़ा खजाना है और हम उससे पूरी तरह वंचित हैं। इसलिए, वह निश्चित रूप से हमें अनेक तरीकों से मार सकता है। 27. | mahabharat अध्याय 1.145: वारणावतमें पाण्डवोंका स्वागत, पुरोचनका सत्कारपूर्वक उन्हें ठहराना, लाक्षागृहमें निवासकी व्यवस्था और युधिष्ठिर एवं भीमसेनकी बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस समय वह अधिकार के पद पर है और हम उससे वंचित हैं। वह अपने सहायकों के साथ है और हम असहाय हैं। उसके पास बहुत बड़ा खजाना है और हम उससे पूरी तरह वंचित हैं। इसलिए, वह निश्चित रूप से हमें अनेक तरीकों से मार सकता है। 27.
At this time he is in a position of authority and we are deprived of him. He is with his assistants and we are helpless. He has a huge treasure and we are completely deprived of it. Therefore, he can certainly kill us by many means. 27.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥