Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.145.24: यदि पितामह भीष्म हमारे यहाँ जलाये जाने के बाद कौरवों पर क्रोधित होते हैं, तो यह अनावश्यक है; क्योंकि फिर वे कौरवों को किस उद्देश्य से क्रोधित करेंगे? 24. | mahabharat अध्याय 1.145: वारणावतमें पाण्डवोंका स्वागत, पुरोचनका सत्कारपूर्वक उन्हें ठहराना, लाक्षागृहमें निवासकी व्यवस्था और युधिष्ठिर एवं भीमसेनकी बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि पितामह भीष्म हमारे यहाँ जलाये जाने के बाद कौरवों पर क्रोधित होते हैं, तो यह अनावश्यक है; क्योंकि फिर वे कौरवों को किस उद्देश्य से क्रोधित करेंगे? 24.
If Grandfather Bhishma becomes angry with the Kauravas after we are burnt here, it is unnecessary; because then for what purpose would he anger the Kauravas? 24.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥