Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.145.12: पुरोचन के कहने पर नरसिंह पाण्डव अपने समस्त सामान और सेवकों के साथ नये महल की ओर चले, मानो गुह्यक कैलाश पर्वत की ओर जा रहे हों। | mahabharat अध्याय 1.145: वारणावतमें पाण्डवोंका स्वागत, पुरोचनका सत्कारपूर्वक उन्हें ठहराना, लाक्षागृहमें निवासकी व्यवस्था और युधिष्ठिर एवं भीमसेनकी बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्र ते पुरुषव्याघ्रा विविशु: सपरिच्छदा:।
पुरोचनस्य वचनात् कैलासमिव गुह्यका:॥ १२॥
अनुवाद
पुरोचन के कहने पर नरसिंह पाण्डव अपने समस्त सामान और सेवकों के साथ नये महल की ओर चले, मानो गुह्यक कैलाश पर्वत की ओर जा रहे हों।
At the behest of Purochana, the male-lion Pandavas went to the new palace with all their belongings and servants, as if the Guhyakas were going to Mount Kailash.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥