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mahabharat 1.145.11: वहाँ दस दिन रहकर पुरोचन ने पाण्डवों से उस नये भवन के विषय में कहा, जो 'शिवभवन' कहलाता था, परन्तु वास्तव में अशिव (अशुभ) था।॥ 11॥   |   mahabharat अध्याय 1.145: वारणावतमें पाण्डवोंका स्वागत, पुरोचनका सत्कारपूर्वक उन्हें ठहराना, लाक्षागृहमें निवासकी व्यवस्था और युधिष्ठिर एवं भीमसेनकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 145: वारणावतमें पाण्डवोंका स्वागत, पुरोचनका सत्कारपूर्वक उन्हें ठहराना, लाक्षागृहमें निवासकी व्यवस्था और युधिष्ठिर एवं भीमसेनकी बातचीत  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.145.11 
दशरात्रोषितानां तु तत्र तेषां पुरोचन:।
निवेदयामास गृहं शिवाख्यमशिवं तदा॥ ११॥
 
 
अनुवाद
वहाँ दस दिन रहकर पुरोचन ने पाण्डवों से उस नये भवन के विषय में कहा, जो 'शिवभवन' कहलाता था, परन्तु वास्तव में अशिव (अशुभ) था।॥ 11॥
 
After staying there for ten days, Purochana spoke to the Pandavas about the new house, which was called 'Shiv Bhawan' but was in reality Ashiva (inauspicious).॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)