श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 143: दुर्योधनके आदेशसे पुरोचनका वारणावत नगरमें लाक्षागृह बनाना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  1.143.8 
तत्र गत्वा चतु:शालं गृहं परमसंवृतम्।
नगरोपान्तमाश्रित्य कारयेथा महाधनम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
‘वहाँ जाकर नगर के निकट एक ऐसा भवन बनवाओ, जिसके चारों ओर कमरे हों और जो सब ओर से सुरक्षित हो। उस भवन को बहुत धन लगाकर अत्यंत सुंदर बनवाना चाहिए।॥8॥
 
‘Go there and get a building constructed near the city which has rooms all around and which is secure from all sides. That building should be made the most beautiful by spending a lot of money.॥ 8॥
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