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श्लोक 1.143.19  |
स गत्वा त्वरितं राजन् दुर्योधनमते स्थित:।
यथोक्तं राजपुत्रेण सर्वं चक्रे पुरोचन:॥ १९॥ |
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| अनुवाद |
| राजा! पुरोचन ने दुर्योधन की सलाह मान ली। वह शीघ्र ही वारणावत पहुँच गया और राजकुमार दुर्योधन के निर्देशानुसार सारा कार्य पूरा किया। |
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| King! Purochana followed the advice of Duryodhan. He reached Varanavat very soon and completed all the work as per the instructions of Prince Duryodhan. |
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इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि जतुगृहपर्वणि पुरोचनोपदेशे त्रिचत्वारिंशदधिकशततमोऽध्याय:॥ १४३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत जतुगृहपर्वमें पुरोचनके प्रति दुर्योधनकृत उपदेशविषयक एक सौ तैंतालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १४३॥
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