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ज्ञात्वा च तान् सुविश्वस्ताञ्शयानानकुतोभयान्।
अग्निस्त्वया ततो देयो द्वारतस्तस्य वेश्मन:॥ १६॥
अनुवाद
जब तुम्हें यह अच्छी तरह पता चल जाए कि पांडव यहां निश्चिंत होकर रहने लगे हैं और उनके मन में किसी प्रकार का भय नहीं रह गया है, तब उनके सो जाने के बाद दरवाजे की ओर से घर में आग लगा देना।
When you are well aware that the Pandavas have started living here with confidence and there is no fear left in their minds, then after they go to sleep, set fire to the house from the side of the door.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥