श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 142: धृतराष्ट्रके आदेशसे पाण्डवोंकी वारणावत-यात्रा  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.142.19 
तत: कृतस्वस्त्ययना राज्यलम्भाय पार्थिवा:।
कृत्वा सर्वाणि कार्याणि प्रययुर्वारणावतम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् राज्य प्राप्ति के लिए स्वस्ति वाचन करके तथा सभी आवश्यक कार्य संपन्न करके पाण्डव राजकुमार वारणावत नगरी को चले गये।
 
Then, after reciting the Swasti recitation for gaining the kingdom and completing all the necessary tasks, the Pandava princes went to the city of Varanavat.
 
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि जतुगृहपर्वणि वारणावतयात्रायां द्विचत्वारिंशदधिकशततमोऽध्याय:॥ १४२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत जतुगृहपर्वमें वारणावतयात्राविषयक एक सौ बयालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १४२॥

(दाक्षिणात्य अधिक पाठके २ श्लोक मिलाकर कुल २१ श्लोक हैं)
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)