Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.141.6: धृतराष्ट्र बोले- बेटा! पाण्डु ने जीवन भर सदैव धर्म का पालन किया और अपने परिचित सभी लोगों के साथ धर्मानुसार ही व्यवहार किया; विशेषतः मेरे प्रति।   |   mahabharat अध्याय 1.141: दुर्योधनका धृतराष्ट्रसे पाण्डवोंको वारणावत भेज देनेका प्रस्ताव   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 141: दुर्योधनका धृतराष्ट्रसे पाण्डवोंको वारणावत भेज देनेका प्रस्ताव  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  1.141.6 
धृतराष्ट्र उवाच
धर्मनित्य: सदा पाण्डुस्तथा धर्मपरायण:।
सर्वेषु ज्ञातिषु तथा मयि त्वासीद् विशेषत:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र बोले- बेटा! पाण्डु ने जीवन भर सदैव धर्म का पालन किया और अपने परिचित सभी लोगों के साथ धर्मानुसार ही व्यवहार किया; विशेषतः मेरे प्रति।
 
Dhritarashtra said- Son! Throughout his life, Pandu always followed religion and behaved according to religion with all the people he knew; Especially towards me. 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)