श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 141: दुर्योधनका धृतराष्ट्रसे पाण्डवोंको वारणावत भेज देनेका प्रस्ताव  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  1.141.23 
स विस्रब्ध: पाण्डुपुत्रान् सह मात्रा प्रवासय।
वारणावतमद्यैव यथा यान्ति तथा कुरु॥ २३॥
 
 
अनुवाद
अतः आप निश्चिंत होकर पाण्डवों को उनकी माता सहित वारणावत भेज दीजिए और ऐसी व्यवस्था कीजिए कि वे आज ही प्रस्थान कर सकें ॥ 23॥
 
Therefore, you should send the Pandavas along with their mother to Varnavata without any worry and make such arrangements that they can leave today itself. ॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)