Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.141.21: जिस ओर ये दोनों होंगे, उसी ओर शरद्वान के पुत्र कृपाचार्य भी होंगे। वे अपने बहनोई द्रोण और भतीजे अश्वत्थामा को कभी नहीं छोड़ सकेंगे। 21. | mahabharat अध्याय 1.141: दुर्योधनका धृतराष्ट्रसे पाण्डवोंको वारणावत भेज देनेका प्रस्ताव । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कृप: शारद्वतश्चैव यत एतौ ततो भवेत्।
द्रोणं च भागिनेयं च न स त्यक्ष्यति कर्हिचित्॥ २१॥
अनुवाद
जिस ओर ये दोनों होंगे, उसी ओर शरद्वान के पुत्र कृपाचार्य भी होंगे। वे अपने बहनोई द्रोण और भतीजे अश्वत्थामा को कभी नहीं छोड़ सकेंगे। 21.
On the side where these two are, Sharadvan's son Kripacharya will also be on the same side. He will never be able to leave his brother-in-law Drona and nephew Ashwatthama. 21.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥