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mahabharat 1.141.19: दुर्योधन! यदि हम पाण्डवों के साथ अन्याय करते, तो सम्पूर्ण कुरुवंश और ये महात्मा (भीष्म, द्रोण आदि) तथा सम्पूर्ण जगत के लोग हमें मारे जाने के योग्य क्यों न समझते?॥19॥   |   mahabharat अध्याय 1.141: दुर्योधनका धृतराष्ट्रसे पाण्डवोंको वारणावत भेज देनेका प्रस्ताव   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 141: दुर्योधनका धृतराष्ट्रसे पाण्डवोंको वारणावत भेज देनेका प्रस्ताव  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.141.19 
ते वयं कौरवेयाणामेतेषां च महात्मनाम्।
कथं न वध्यतां तात गच्छाम जगतस्तथा॥ १९॥
 
 
अनुवाद
दुर्योधन! यदि हम पाण्डवों के साथ अन्याय करते, तो सम्पूर्ण कुरुवंश और ये महात्मा (भीष्म, द्रोण आदि) तथा सम्पूर्ण जगत के लोग हमें मारे जाने के योग्य क्यों न समझते?॥19॥
 
Duryodhan! If we treat the Pandavas unfairly, then why would not the entire Kuru dynasty and these great souls (Bhishma, Drona etc.) and the people of the entire world consider us worthy of being killed? ॥19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)