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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 141: दुर्योधनका धृतराष्ट्रसे पाण्डवोंको वारणावत भेज देनेका प्रस्ताव
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श्लोक 14
श्लोक
1.141.14
स भवान् पाण्डवानाशु विवासयितुमर्हति।
मृदुनैवाभ्युपायेन नगरं वारणावतम्॥ १४॥
अनुवाद
इसलिए आप किसी सौम्य उपाय से पाण्डवों को शीघ्र ही वारणावत नगरी में भेज दीजिए ॥14॥
Therefore you should send the Pandavas to the city of Varanavat as soon as possible by some gentle means. ॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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