Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.141.12: दुर्योधन बोला - पिताश्री! मैंने भी अपने हृदय में इस दोष (प्रजा के प्रति द्वेष रखने) को पहले ही से देख लिया था और इसी को ध्यान में रखकर मैंने पहले ही सब लोगों को धन और सम्मान देकर उनका आदर किया है॥ 12॥ | mahabharat अध्याय 1.141: दुर्योधनका धृतराष्ट्रसे पाण्डवोंको वारणावत भेज देनेका प्रस्ताव । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दुर्योधन बोला - पिताश्री! मैंने भी अपने हृदय में इस दोष (प्रजा के प्रति द्वेष रखने) को पहले ही से देख लिया था और इसी को ध्यान में रखकर मैंने पहले ही सब लोगों को धन और सम्मान देकर उनका आदर किया है॥ 12॥
Duryodhan said - Father! I too had foreseen this fault (of being against the people) in my heart and keeping this in mind, I have already honoured all the people by giving them wealth and respect.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥