श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 141: दुर्योधनका धृतराष्ट्रसे पाण्डवोंको वारणावत भेज देनेका प्रस्ताव  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.141.11 
ते पुरा सत्कृतास्तात पाण्डुना नागरा जना:।
कथं युधिष्ठिरस्यार्थे न नो हन्यु: सबान्धवान्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
पिताश्री! पहले पाण्डु ने प्रजाजनों के साथ बहुत अच्छा व्यवहार किया था। अब वे युधिष्ठिर के हित के लिए विद्रोह करके हम सबको भाइयों सहित क्यों न मार डालें?॥11॥
 
Father! Earlier Pandu had behaved very well with the citizens. Now why would he not rebel and kill all of us along with our brothers for the benefit of Yudhishthira?॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)