Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.140.38: महाराज! यदि यह राज्य आपको पहले मिल गया होता, तो आज हमें अवश्य मिल गया होता; फिर प्रजा का हम पर कोई नियंत्रण न रहता। | mahabharat अध्याय 1.140: पाण्डवोंके प्रति पुरवासियोंका अनुराग देखकर दुर्योधनकी चिन्ता । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि त्वं हि पुरा राजन्निदं राज्यमवाप्तवान्।
ध्रुवं प्राप्स्याम च वयं राज्यमप्यवशे जने॥ ३८॥
अनुवाद
महाराज! यदि यह राज्य आपको पहले मिल गया होता, तो आज हमें अवश्य मिल गया होता; फिर प्रजा का हम पर कोई नियंत्रण न रहता।
King! If you had got this kingdom earlier, we would have definitely got it today; then people will have no control over us. 38.
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि जतुगृहपर्वणि दुर्योधनेर्ष्यायां चत्वारिंशदधिकशततमोऽध्याय:॥ १४०॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत जतुगृहपर्वमें दुर्योधनकी ईर्ष्याविषयक एक सौ चालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १४०॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥