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mahabharat 1.140.20: भीमसेन को सबसे बलवान और अर्जुन को अस्त्र-शस्त्र विद्या में सर्वश्रेष्ठ देखकर दुर्योधन सदैव व्यथित रहता था। वह बहुत दुःखी रहता था।   |   mahabharat अध्याय 1.140: पाण्डवोंके प्रति पुरवासियोंका अनुराग देखकर दुर्योधनकी चिन्ता   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 140: पाण्डवोंके प्रति पुरवासियोंका अनुराग देखकर दुर्योधनकी चिन्ता  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  1.140.20 
प्राणाधिकं भीमसेनं कृतविद्यं धनंजयम्।
दुर्योधनो लक्षयित्वा पर्यतप्यत दुर्मना:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन को सबसे बलवान और अर्जुन को अस्त्र-शस्त्र विद्या में सर्वश्रेष्ठ देखकर दुर्योधन सदैव व्यथित रहता था। वह बहुत दुःखी रहता था।
 
Seeing Bhimasena as the strongest and Arjuna as the best in the art of weapons, Duryodhan was always upset. He was very sad.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)