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mahabharat 1.140.18: क्रूर कणिक की सलाह से किया गया कौरवों का यह कृत्य अत्यंत क्रूर था। कृपया इसका विस्तारपूर्वक वर्णन करें। मैं यह सब सुनने के लिए अत्यंत उत्सुक हूँ॥ 18॥   |   mahabharat अध्याय 1.140: पाण्डवोंके प्रति पुरवासियोंका अनुराग देखकर दुर्योधनकी चिन्ता   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 140: पाण्डवोंके प्रति पुरवासियोंका अनुराग देखकर दुर्योधनकी चिन्ता  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  1.140.18 
सुनृशंसमिदं कर्म तेषां क्रूरोपसंहितम्।
कीर्तयस्व यथावृत्तं परं कौतूहलं मम॥ १८॥
 
 
अनुवाद
क्रूर कणिक की सलाह से किया गया कौरवों का यह कृत्य अत्यंत क्रूर था। कृपया इसका विस्तारपूर्वक वर्णन करें। मैं यह सब सुनने के लिए अत्यंत उत्सुक हूँ॥ 18॥
 
This act of the Kauravas, carried out under the advice of the cruel Kanik, was extremely cruel. Please describe it in detail. I am very eager to hear all this.॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)