Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.14.6: वासुकि बोले, "जरत्कारु! मेरी यह छोटी बहन जरत्कारु नाम से विख्यात है। मैंने इस सुन्दर कमर वाली कन्या को अपनी पत्नी बनाने के लिए तुम्हें अर्पित किया है। कृपया इसे स्वीकार करो। हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! यह बहुत समय से तुम्हारे लिए रखी हुई है, अतः कृपया इसे स्वीकार करो।" | mahabharat अध्याय 1.14: जरत्कारुद्वारा वासुकिकी बहिनका पाणिग्रहण । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वासुकि बोले, "जरत्कारु! मेरी यह छोटी बहन जरत्कारु नाम से विख्यात है। मैंने इस सुन्दर कमर वाली कन्या को अपनी पत्नी बनाने के लिए तुम्हें अर्पित किया है। कृपया इसे स्वीकार करो। हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! यह बहुत समय से तुम्हारे लिए रखी हुई है, अतः कृपया इसे स्वीकार करो।"
Vasuki said, "Jratkaru! This younger sister of mine is famous by the name of Jaratkaru. I have offered this beautiful waist girl to you to make her my wife. Please accept her. O best of Brahmins! She has been kept reserved for you since a long time, so please accept her."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥