Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.14.5: ऐसा निश्चय करके परम बुद्धिमान् एवं महातपस्वी जरत्कारु ने पूछा - 'नागराज! सच-सच बताओ, तुम्हारी इस बहन का क्या नाम है?'॥5॥ | mahabharat अध्याय 1.14: जरत्कारुद्वारा वासुकिकी बहिनका पाणिग्रहण । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तमुवाच महाप्राज्ञो जरत्कारुर्महातपा:।
किंनाम्नी भगिनीयं ते ब्रूहि सत्यं भुजंगम॥ ५॥
अनुवाद
ऐसा निश्चय करके परम बुद्धिमान् एवं महातपस्वी जरत्कारु ने पूछा - 'नागराज! सच-सच बताओ, तुम्हारी इस बहन का क्या नाम है?'॥5॥
Having decided this, the most intelligent and great ascetic Jaratkaru asked - 'Nagaraj! Tell me the truth, what is the name of this sister of yours?' 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥