श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 139: कणिकका धृतराष्ट्रको कूटनीतिका उपदेश  »  श्लोक 78
 
 
श्लोक  1.139.78 
कर्शितं व्याधितं क्लिन्नमपानीयमघासकम्।
परिविश्वस्तमन्दं च प्रहर्तव्यमरेर्बलम्॥ ७८॥
 
 
अनुवाद
जब शत्रु की सेना दुर्बल, रोगी, जल या कीचड़ में फंसी हुई, भूख-प्यास से पीड़ित हो तथा चारों ओर से घिरी हुई और निश्चल हो, तब उस पर आक्रमण करना चाहिए ॥ 78॥
 
When the enemy's army is weak, diseased, stuck in water or mud, suffering from hunger and thirst and is surrounded from all sides and is motionless, then it should be attacked. ॥ 78॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)