Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.139.72: यदि राजा संकट में हो तो उसे किसी भी प्रकार से, चाहे वह सौम्य हो या भयंकर, उस संकट से अपने को बचाना चाहिए और फिर जब वह समर्थ हो जाए तो धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। | mahabharat अध्याय 1.139: कणिकका धृतराष्ट्रको कूटनीतिका उपदेश । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि राजा संकट में हो तो उसे किसी भी प्रकार से, चाहे वह सौम्य हो या भयंकर, उस संकट से अपने को बचाना चाहिए और फिर जब वह समर्थ हो जाए तो धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए।
If the king is in trouble, he should rescue himself from that plight by any action, be it mild or fierce; and then, when he is capable, he should follow the path of Dharma. 72.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥