Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.139.51: लोभी को धन दो, दुर्बल को वश में करो और बलवान को वश में करो। हे राजन! इस प्रकार तुम्हें नीतिपूर्ण आचरण का वर्णन किया गया है। अब अन्य बातें सुनो। ॥ 51॥ | mahabharat अध्याय 1.139: कणिकका धृतराष्ट्रको कूटनीतिका उपदेश । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
लुब्धमर्थप्रदानेन समं न्यूनं तथौजसा।
एवं ते कथितं राजञ्शृणु चाप्यपरं तथा॥ ५१॥
अनुवाद
लोभी को धन दो, दुर्बल को वश में करो और बलवान को वश में करो। हे राजन! इस प्रकार तुम्हें नीतिपूर्ण आचरण का वर्णन किया गया है। अब अन्य बातें सुनो। ॥ 51॥
Give money to the greedy and subdue the weak and the equal with might. O King! In this way, ethical behaviour has been described to you. Now listen to other things. ॥ 51॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥