Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.139.46-47h: महाराज! सियार ने वन में नेवले से इस प्रकार कहा - 'हे नेवले! मैंने अपने बाहुबल का सहारा लेकर उन सबको परास्त कर दिया है। वे हार मानकर अन्यत्र चले गए हैं। यदि तुममें साहस है, तो पहले मुझसे युद्ध करो; फिर इच्छानुसार मांस खाओ।'॥46 1/2॥ | mahabharat अध्याय 1.139: कणिकका धृतराष्ट्रको कूटनीतिका उपदेश । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! सियार ने वन में नेवले से इस प्रकार कहा - 'हे नेवले! मैंने अपने बाहुबल का सहारा लेकर उन सबको परास्त कर दिया है। वे हार मानकर अन्यत्र चले गए हैं। यदि तुममें साहस है, तो पहले मुझसे युद्ध करो; फिर इच्छानुसार मांस खाओ।'॥46 1/2॥
Maharaj! The jackal said to the mongoose in the forest like this - 'O mongoose! I have defeated them all by taking recourse to my physical strength. They accepted defeat and went away elsewhere. If you have the courage, then first fight with me; then eat the meat as per your wish.'॥ 46 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥