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mahabharat 1.138.5: शिक्षा पूर्ण होने पर भीमसेन बल में राजा द्युमत्सेन के समान हो गये तथा वीरता से संपन्न होकर अपने भाइयों के साथ सुखपूर्वक रहने लगे।   |   mahabharat अध्याय 1.138: युधिष्ठिरका युवराजपदपर अभिषेक, पाण्डवोंके शौर्य, कीर्ति और बलके विस्तारसे धृतराष्ट्रको चिन्ता   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 138: युधिष्ठिरका युवराजपदपर अभिषेक, पाण्डवोंके शौर्य, कीर्ति और बलके विस्तारसे धृतराष्ट्रको चिन्ता  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  1.138.5 
समाप्तशिक्षो भीमस्तु द्युमत्सेनसमो बले।
पराक्रमेण सम्पन्नो भ्रातॄणामचरद् वशे॥ ५॥
 
 
अनुवाद
शिक्षा पूर्ण होने पर भीमसेन बल में राजा द्युमत्सेन के समान हो गये तथा वीरता से संपन्न होकर अपने भाइयों के साथ सुखपूर्वक रहने लगे।
 
After the completion of his education, Bhimasena became equal to King Dyumatsena in strength and, endowed with valour, he started living well with his brothers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)