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mahabharat 1.138.24: इसके अतिरिक्त अर्जुन ने भीमसेन की सहायता से एक ही रथ पर सवार होकर पूर्व दिशा के समस्त योद्धाओं तथा दस हजार रथियों को युद्ध में परास्त कर दिया॥ 24॥   |   mahabharat अध्याय 1.138: युधिष्ठिरका युवराजपदपर अभिषेक, पाण्डवोंके शौर्य, कीर्ति और बलके विस्तारसे धृतराष्ट्रको चिन्ता   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 138: युधिष्ठिरका युवराजपदपर अभिषेक, पाण्डवोंके शौर्य, कीर्ति और बलके विस्तारसे धृतराष्ट्रको चिन्ता  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  1.138.24 
भीमसेनसहायश्च रथानामयुतं च स:।
अर्जुन: समरे प्राच्यान् सर्वानेकरथोऽजयत्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
इसके अतिरिक्त अर्जुन ने भीमसेन की सहायता से एक ही रथ पर सवार होकर पूर्व दिशा के समस्त योद्धाओं तथा दस हजार रथियों को युद्ध में परास्त कर दिया॥ 24॥
 
Besides this, Arjuna, riding on a single chariot only with the help of Bhimasena, defeated all the warriors of the east direction and ten thousand charioteers in the battle.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)