Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.138.22-23: वह वीर राजा विपुल भी, जो अत्यन्त पराक्रमी था और कौरवों के प्रति सदैव अहंकार और उद्दण्डता का व्यवहार करता था, युद्धस्थल में बुद्धिमान अर्जुन के हाथों मारा गया। अर्जुन ने अपने बाणों से सौवीर निवासी सुमित्र को भी मार डाला, जो सदैव युद्ध के लिए उद्यत रहता था और जिसे लोग दत्तामित्र के नाम से जानते थे। 22-23॥ | mahabharat अध्याय 1.138: युधिष्ठिरका युवराजपदपर अभिषेक, पाण्डवोंके शौर्य, कीर्ति और बलके विस्तारसे धृतराष्ट्रको चिन्ता । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अतीव बलसम्पन्न: सदा मानी कुरून् प्रति।
विपुलो नाम सौवीर: शस्त: पार्थेन धीमता॥ २२॥
दत्तामित्र इति ख्यातं संग्रामे कृतनिश्चयम्।
सुमित्रं नाम सौवीरमर्जुनोऽदमयच्छरै:॥ २३॥
अनुवाद
वह वीर राजा विपुल भी, जो अत्यन्त पराक्रमी था और कौरवों के प्रति सदैव अहंकार और उद्दण्डता का व्यवहार करता था, युद्धस्थल में बुद्धिमान अर्जुन के हाथों मारा गया। अर्जुन ने अपने बाणों से सौवीर निवासी सुमित्र को भी मार डाला, जो सदैव युद्ध के लिए उद्यत रहता था और जिसे लोग दत्तामित्र के नाम से जानते थे। 22-23॥
That brave king Vipul, who was extremely brave and always behaved arrogantly and defiantly towards the Kauravas, was also killed in the battlefield by the hand of the wise Arjuna. Arjuna also killed with his arrows Sumitra, the resident of Sauveer, who was always determined to fight, whom people knew by the name of Dattamitra. 22-23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥