Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.137.d1-23: उन्होंने दु:शासन को दस, विकर्ण को बीस और शकुनि को तीस तीखे भेदी बाणों से घायल कर दिया। तत्पश्चात शत्रुओं का संहार करने वाले द्रुपद ने कर्ण और दुर्योधन के शरीर के सभी अंगों की संधियों में अलग-अलग अट्ठाईस बाण मारे। उन्होंने सुबाहु को पाँच बाणों से घायल किया और सहसा अन्य योद्धाओं को नाना प्रकार के बाणों से बींध डाला और फिर बड़े जोर से गर्जना की। इस प्रकार क्रोध से गर्जना करते हुए समस्त शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ पांचालराज द्रुपद ने शत्रुओं के धनुष, रथ, घोड़े और रंग-बिरंगी ध्वजाएँ काट डालीं। तत्पश्चात समस्त पांचाल सैनिक सिंह के समान गर्जना करने लगे। तब उस नगर के समस्त निवासी कौरवों पर टूट पड़े और उन पर वर्षा करने वाले मेघों के समान मूसलों और दण्डों की वर्षा करने लगे॥23॥ | mahabharat अध्याय 1.137: द्रोणका शिष्योंद्वारा द्रुपदपर आक्रमण करवाना, अर्जुनका द्रुपदको बंदी बनाकर लाना और द्रोणद्वारा द्रुपदको आधा राज्य देकर मुक्त कर देना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन्होंने दु:शासन को दस, विकर्ण को बीस और शकुनि को तीस तीखे भेदी बाणों से घायल कर दिया। तत्पश्चात शत्रुओं का संहार करने वाले द्रुपद ने कर्ण और दुर्योधन के शरीर के सभी अंगों की संधियों में अलग-अलग अट्ठाईस बाण मारे। उन्होंने सुबाहु को पाँच बाणों से घायल किया और सहसा अन्य योद्धाओं को नाना प्रकार के बाणों से बींध डाला और फिर बड़े जोर से गर्जना की। इस प्रकार क्रोध से गर्जना करते हुए समस्त शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ पांचालराज द्रुपद ने शत्रुओं के धनुष, रथ, घोड़े और रंग-बिरंगी ध्वजाएँ काट डालीं। तत्पश्चात समस्त पांचाल सैनिक सिंह के समान गर्जना करने लगे। तब उस नगर के समस्त निवासी कौरवों पर टूट पड़े और उन पर वर्षा करने वाले मेघों के समान मूसलों और दण्डों की वर्षा करने लगे॥23॥
He wounded Dushasan with ten, Vikarna with twenty and Shakuni with thirty very sharp penetrating arrows. Thereafter, the destroyer of enemies, Drupada, shot twenty-eight arrows separately into the joints of all the body parts of Karna and Duryodhana. He wounded Subahu with five arrows and suddenly pierced the other warriors with various types of arrows and then roared loudly. Thus roaring with rage, the best among all the weapon bearers, Panchala king Drupada cut off the bows, chariots, horses and colourful flags of the enemies. Thereafter all the Panchala soldiers roared like a lion. Then all the inhabitants of that city attacked the Kauravas and started raining pestles and sticks on them like rain clouds.॥23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥