Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.137.72: वैशम्पायन कहते हैं, 'भरत! द्रुपद की यह बात सुनकर द्रोणाचार्य ने उन्हें मुक्त कर दिया और प्रसन्न होकर उनका आदर-सत्कार किया तथा उन्हें आधा राज्य दे दिया। | mahabharat अध्याय 1.137: द्रोणका शिष्योंद्वारा द्रुपदपर आक्रमण करवाना, अर्जुनका द्रुपदको बंदी बनाकर लाना और द्रोणद्वारा द्रुपदको आधा राज्य देकर मुक्त कर देना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायन कहते हैं, 'भरत! द्रुपद की यह बात सुनकर द्रोणाचार्य ने उन्हें मुक्त कर दिया और प्रसन्न होकर उनका आदर-सत्कार किया तथा उन्हें आधा राज्य दे दिया।
Vaishmpayana says, 'Bharata! On hearing Drupada say this, Dronacharya released him and being pleased, honoured him and gave him half the kingdom.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥