Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.137.67: 'क्षत्रिय शिरोमणे! तुम बाल्यकाल में आश्रम में मेरे साथ खेले थे, उसी के कारण मेरा तुम्हारे प्रति स्नेह और प्रेम बहुत बढ़ गया है॥ 67॥ | mahabharat अध्याय 1.137: द्रोणका शिष्योंद्वारा द्रुपदपर आक्रमण करवाना, अर्जुनका द्रुपदको बंदी बनाकर लाना और द्रोणद्वारा द्रुपदको आधा राज्य देकर मुक्त कर देना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'क्षत्रिय शिरोमणे! तुम बाल्यकाल में आश्रम में मेरे साथ खेले थे, उसी के कारण मेरा तुम्हारे प्रति स्नेह और प्रेम बहुत बढ़ गया है॥ 67॥
'Kshatriya Shiromane! You played with me in the ashram during your childhood and because of that my affection and love for you has increased a lot.॥ 67॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥