Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.137.63: भरतश्रेष्ठ जनमेजय! उन पाण्डवों ने युद्धस्थल में यज्ञसेन द्रुपद को उनके मन्त्रियों सहित पकड़कर द्रोणाचार्य को दान में दे दिया॥63॥ | mahabharat अध्याय 1.137: द्रोणका शिष्योंद्वारा द्रुपदपर आक्रमण करवाना, अर्जुनका द्रुपदको बंदी बनाकर लाना और द्रोणद्वारा द्रुपदको आधा राज्य देकर मुक्त कर देना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते यज्ञसेनं द्रुपदं गृहीत्वा रणमूर्धनि।
उपाजह्रु: सहामात्यं द्रोणाय भरतर्षभ॥ ६३॥
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ जनमेजय! उन पाण्डवों ने युद्धस्थल में यज्ञसेन द्रुपद को उनके मन्त्रियों सहित पकड़कर द्रोणाचार्य को दान में दे दिया॥63॥
Bharatshreshtha Janamejaya! Those Pandavas captured Yajna Sen Drupada along with his ministers in the battlefield and gave him as a gift to Dronacharya. 63॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥