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अर्जुन उवाच
सम्बन्धी कुरुवीराणां द्रुपदो राजसत्तम:।
मा वधीस्तद्बलं भीम गुरुदानं प्रदीयताम्॥ ६१॥
अनुवाद
तब अर्जुन ने कहा- भैया भीमसेन! राजाओं में श्रेष्ठ द्रुपद कौरव योद्धाओं के सगे-संबंधी हैं, अतः उनकी सेना का संहार न करो; केवल राजा द्रुपद को गुरुदक्षिणा के रूप में द्रुण को दे दो॥61॥
Then Arjun said – Brother Bhimsen! Drupada, the best among kings, is a relative of the Kaurava warriors, hence do not kill their army; Only give it to Druna in the form of Gurudakshina to King Drupada. 61॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥