Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.137.57-58: और अचानक वह पांचालराज के रथ के डंडे पर कूद पड़ा। इस प्रकार द्रुपद के रथ पर सवार निर्भय अर्जुन ने उसे अपने वश में कर लिया, जैसे गरुड़ समुद्र को क्षुब्ध करके सर्प को पकड़ लेते हैं। तब समस्त पांचाल सैनिक (भयभीत होकर) चारों ओर भागने लगे। 57-58। | mahabharat अध्याय 1.137: द्रोणका शिष्योंद्वारा द्रुपदपर आक्रमण करवाना, अर्जुनका द्रुपदको बंदी बनाकर लाना और द्रोणद्वारा द्रुपदको आधा राज्य देकर मुक्त कर देना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
और अचानक वह पांचालराज के रथ के डंडे पर कूद पड़ा। इस प्रकार द्रुपद के रथ पर सवार निर्भय अर्जुन ने उसे अपने वश में कर लिया, जैसे गरुड़ समुद्र को क्षुब्ध करके सर्प को पकड़ लेते हैं। तब समस्त पांचाल सैनिक (भयभीत होकर) चारों ओर भागने लगे। 57-58।
And suddenly he jumped on the pole of the king of Panchala's chariot. Thus, the fearless Arjuna, riding on Drupada's chariot, brought him under his control just as Garuda disturbs the ocean and catches a snake. Then all the Panchala soldiers (in fear) started running in all directions. 57-58.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥