Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.137.51: अर्जुन युद्ध में पांचाल योद्धा सत्यजित् से पीड़ित हो गए और उसके पराक्रम का सामना न कर सके और उसे नष्ट करने के लिए शीघ्रतापूर्वक बाणों की वर्षा करने लगे ॥ 51॥ | mahabharat अध्याय 1.137: द्रोणका शिष्योंद्वारा द्रुपदपर आक्रमण करवाना, अर्जुनका द्रुपदको बंदी बनाकर लाना और द्रोणद्वारा द्रुपदको आधा राज्य देकर मुक्त कर देना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स तं न ममृषे पार्थ: पाञ्चालेनार्दितो युधि।
ततस्तस्य विनाशार्थं सत्वरं व्यसृजच्छरान्॥ ५१॥
अनुवाद
अर्जुन युद्ध में पांचाल योद्धा सत्यजित् से पीड़ित हो गए और उसके पराक्रम का सामना न कर सके और उसे नष्ट करने के लिए शीघ्रतापूर्वक बाणों की वर्षा करने लगे ॥ 51॥
Arjuna was afflicted by the Panchala warrior Satyajit in the war and could not withstand his valour and quickly showered him with a shower of arrows to destroy him. ॥ 51॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥